
पनपथा,समरकोइनी,सुखदास,पतौर
स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत एचडीएफसी बैंक एवं कार्ड संस्था के संयुक्त तत्वावधान में क्षेत्र के चार स्कूलों में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों व शिक्षकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वच्छ भारत मिशन को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण के लाभों के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षकों और बच्चों ने मिलकर विद्यालय परिसर की सफाई की और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सतत विकास को बढ़ावा देना है। बच्चों को समझाया गया कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सही उपयोग से ही आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिल सकता है।
हाथ धोने की सही तकनीक – “SUMANK” पद्धति
बच्चों को हाथ धोने की तकनीक आसान तरीके से सिखाई गई, जिसमें हर अक्षर का अर्थ है –
S – Sidha (सामने की हथेली साफ करना)
U – Ulta (हथेली की पीठ साफ करना)
M – Mutthi (मुट्ठी बनाकर उंगलियाँ साफ करना)
A – Angutha (अंगूठा साफ करना)
N – Nakhun (नाखून और उंगलियों के सिरे साफ करना)
K – Kalai (कलाई धोना)
इस पद्धति से बच्चों ने सही तरीके से हाथ धोना सीखा और बीमारियों से बचाव के उपायों को समझा।
मुख्य बिंदु:
1. स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत चार स्कूलों में स्वच्छता अभियान |
2. विद्यालय परिसर की सफाई में शिक्षकों व विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी।
3. SUMANK पद्धति से हाथ धोने की तकनीक का अभ्यास।
4. प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभाव और पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा।
5. बच्चों व शिक्षकों ने स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।
बच्चों का संकल्प:
“हम साफ रहेंगे, स्वच्छता अपनाएंगे, बीमारियाँ दूर भगाएंगे।”
संस्था का संदेश:
“स्वच्छता अभियान का उद्देश्य सिर्फ सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों में स्थायी आदत विकसित करना है। स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम स्वच्छ और सतत विकासशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”









