
एचडीएफसी बैंक परिवर्तन कार्यक्रम से महिलाओं को मिली आर्थिक आत्मनिर्भरता।।
मानपुर:
एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं कार्ड संस्था के माध्यम से संचालित केंद्रित ग्रामीण विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मानपुर ब्लॉक के कुल 50 गाँवों में से 6 गाँवों का चयन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के वैकल्पिक एवं सतत साधनों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
चयनित 6 गाँवों में 10 महिलाओं (दीदियों) के एक समूह के साथ ऑयस्टर मशरूम की खेती की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया पर आधारित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मशरूम उत्पादन हेतु कच्चे माल की तैयारी, बीजाई की विधि, तापमान एवं नमी का प्रबंधन, फसल की देखरेख, रोग एवं कीट नियंत्रण, कटाई तथा भंडारण की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, उत्पाद के विपणन, मूल्य निर्धारण एवं बाजार से जुड़ाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी साझा की गईं, जिससे महिलाएँ अपने उत्पाद को उचित मूल्य पर बाजार में विक्रय कर सकें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वंशिका गुप्ता, पूर्णांक शर्मा, सभी ग्राम एनिमेटर एवं हितग्राही दीदीगण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रोजेक्ट मैनेजर श्री शिवेन्द्र सिंह ने कहा,
“ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ना केवल आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।”
प्रशिक्षण उपरांत महिलाओं द्वारा ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन सफलतापूर्वक प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में महिलाएँ अपने द्वारा उत्पादित मशरूम को 220 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से स्थानीय बाजारों में विक्रय कर रही हैं।
Thematic Expert भावना पवार ने बताया,
“तकनीकी प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव ने महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत किया है।”
वहीं, प्रेम चन्द्र पाल ने कहा,
“यह पहल ग्रामीण महिलाओं को उद्यमशीलता की दिशा में आगे बढ़ा रही है।”
इस पहल से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित हो रही है। यह कार्यक्रम ग्रामीण आजीविका संवर्धन एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी एवं अनुकरणीय पहल सिद्ध हो रहा है।








