एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं कार्ड संस्था की पहल से मानपुर ब्लॉक के किसानों को मिला टिकाऊ आजीविका का नया रास्ता

एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं CARD संस्था के सहयोग से केंद्रित ग्रामीण विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मानपुर ब्लॉक के 50 गाँवों में किसानों और महिलाओं की आजीविका सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन्हीं गतिविधियों के अंतर्गत अब मल्टीलेयर सब्ज़ी खेती की शुरुआत की गई है। इस गतिविधि में बिजोरी, हिरौली, गोबरताल, मराई कला, कुमई, बरखेड़ा, दमना, वासा, लखनऊटी, पटेहरा, उरदना, सरमनिया, कुछवाही, पानपथा और उमरिया सहित कई गाँवों के 30 प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं।
चयनित प्रत्येक किसान 0.25 एकड़ भूमि पर अभिनव 4-लेयर खेती पद्धति अपना रहा है, जिसमें धनिया, मूली, बैंगन, लौकी, तुरई और करेला जैसी विभिन्न सब्ज़ियाँ एक ही खेत में परतों के रूप में जैविक तरीके से उगाई जा रही हैं।
इस मॉडल की विशेषता यह है कि –
एक ही खेत, एक ही समय और एक ही खाद-पानी में किसान 4–5 प्रकार की सब्ज़ियाँ उगा सकते हैं।
यह सब्जियां बिना रासायनिक खाद डालें जैविक तरीके से उगाई जा रही हैं।
परियोजना के अंतर्गत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, नीम तेल, ट्राइकोडर्मा, बायोफर्टिलाइज़र और GI तार जैसी अन्य सामग्रियाँ उपलब्ध कराई गईं। साथ ही खेत पर ही किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें विशेष रूप से –
खेत की तैयारी
बाँस गाड़ने और तार बाँधकर मचान तैयार करने की तकनीक
गोमूत्र व गौ-आधारित घोल, जीवामृत व जैविक खाद से खेती करने के तरीके
जैविक कीट नियंत्रण उपाय (नीम तेल, ट्राइकोडर्मा आदि का उपयोग)
मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन और फसल विविधीकरण
सिखाए गए।
किसानों और समुदाय के लिए लाभ
1. भूमि के अधिकतम उपयोग हेतु बहुस्तरीय खेती प्रणाली
2. वर्षभर पोषणयुक्त सब्ज़ियों की उपलब्धता, जिससे परिवारों में पोषण सुरक्षा
3. फसल विविधीकरण से जोखिम में कमी, किसानों की आय में स्थिरता
4. निरंतर फसल कटाई से आय में वृद्धि और बेहतर बाज़ार संपर्क
5. महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी, जिससे पहल बनी समावेशी और टिकाऊ
6. रसायन मुक्त, पोषण युक्त सब्जियों की उपलब्धता
श्री शिवेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, ने कहा –
मल्टीलेयर सब्ज़ी खेती मॉडल किसानों को न केवल अतिरिक्त आय देगा बल्कि परिवार के लिए पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। इससे खेत की उत्पादकता और किसानों का आत्मविश्वास दोनों बढ़ रहे हैं।
श्री प्रेम चंद्र पाल, टेक्निकल स्पेशलिस्ट (कृषि) ने कहा –
एक ही खेत और एक ही खाद-पानी में 4–5 सब्ज़ियों की खेती करना आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान का उत्कृष्ट मेल है। यह मॉडल जैविक तरीकों से खेती को बढ़ावा देता है और अक्टूबर माह से इसे अन्य गाँवों के किसानों तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक परिवार इससे लाभान्वित हो सकें और यह मॉडल ग्रामीण विकास का प्रेरणादायक उदाहरण बने।











