

एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं कार्ड संस्था के अंतर्गत संचालित केंद्रीत ग्रामीण विकास कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 20 महिलाओं को मुर्गी पालन गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक महिला को 50 सोनाली नस्ल के 21 दिन के चूजे, आवश्यक दाना एवं दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही मुर्गी पालन हेतु शेड का निर्माण भी कराया जा रहा है।
महिलाओं को ठंड से बचाव हेतु प्रत्येक शेड में मुर्गियों के लिए दो-दो हैलोजन बल्ब भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि सर्द मौसम में चूजों को आवश्यक तापमान मिल सके और मृत्यु दर को कम किया जा सके।
इसी क्रम में दिनांक 17/12/25 को मुर्गी पालन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण आजीविका विशेषज्ञ श्री पूर्णांक शर्मा द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने महिलाओं को उन्नत नस्ल की पहचान, चूजों की देखभाल, साफ-सफाई, दाना-पानी देने का सही समय, रोगों से बचाव, नुकसान से बचने के उपाय तथा आय-व्यय के सही प्रबंधन की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने महिलाओं को मुर्गी पालन को स्थायी आजीविका के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान परियोजना प्रबंधक श्री शिवेंद्र सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि ऐसे आजीविका कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में सुधार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं कार्ड संस्था द्वारा आगे भी आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन निरंतर प्रदान किया
जाएगा।









